मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

oshovisionvns: मनुष्य जड़ है अभी ,लेकिन उसके भीतर आत्मा सो ई हुई ...

oshovisionvns: मनुष्य जड़ है अभी ,लेकिन उसके भीतर आत्मा सो ई हुई ...: मनुष्य जड़ है अभी ,लेकिन उसके भीतर आत्मा सो ई हुई है ,वह जाग सकती है !जीवन मैं हमारे भय ,घृणा ,हिंसा ,क्रोध ,प्रेम वे सब घटित हो रहें हैं...

oshovisionvns: Awareness

oshovisionvns: Awareness:   Awareness       ATTENTION WITHOUT TENSION Right awareness means attention without tension,a relaxed kind of watchfulness,just seeng,not ...

मनुष्य जड़ है अभी ,लेकिन उसके भीतर आत्मा सो ई हुई है ,वह जाग सकती है !जीवन मैं हमारे भय ,घृणा ,हिंसा ,क्रोध ,प्रेम वे सब घटित हो रहें हैं ,उन परहमारा काबू नहीं है !उनके प्रति काबू होना तो दूर हमें कोई होश भी नहीं है कि क्या हो रहा है इसलिए मैंने कहा कि मनुष्य यंत्र है !मशीन से जाकर यह नहीं कहता हूँ कि मशीन तुम मशीन हो ,मनुष्य से यह कहा जा सकता है कि तुम मशीन हो कोई मनुष्य यदि इस सत्य को समझ ले तो यन्त्र होने के ऊपर भी उठ सकता है !

App deepo bhawh

आपका जीवन ध्यानपूर्वक  हो जाये ,आप ध्यानपूर्वक जीने लगे !तब आप पाएंगे कि जिन्दगी सब तरफ से बदलनी शुरू हो गयी ,क्योंकि ध्यानपूर्वक बुरा किया ही नहीं जा सकता !फिर वही शेष रह जाता है ,जो किया जा सकता है !ध्यानपूर्वक ही हम जीवन में शुभ को कर सकते हैं ,अशुभ कभी भी संभव नहीं है !.

मैं उन्हें आत्महत्या सिखाता हूँ जिसमें वे एक अधिक प्रकाशयुक्त एक बड़ी महिमा के एक अपार परम -आनंद के जीवन में पुनर्जन्म लेते हैं !आत्महत्या से मेरा अर्थ है कि जैसा अर्थहीन जीवन हम जी रहे हैं ,उसे ऐसे छोड़ दें जैसे एक मृत देह!एक अर्थ पूर्ण आकाश में अपने पंख खोलें ,और जैसी आवश्यकता आज के युग को है निर्थकता के बोध से उभरने की आज से पहले कभी नहीं थी !