आपका जीवन ध्यानपूर्वक हो जाये ,आप ध्यानपूर्वक जीने लगे !तब आप पाएंगे कि जिन्दगी सब तरफ से बदलनी शुरू हो गयी ,क्योंकि ध्यानपूर्वक बुरा किया ही नहीं जा सकता !फिर वही शेष रह जाता है ,जो किया जा सकता है !ध्यानपूर्वक ही हम जीवन में शुभ को कर सकते हैं ,अशुभ कभी भी संभव नहीं है !.
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